*एसडीएम के आकस्मिक निरीक्षण में 50 सीटर बालक छात्रावास की खुली पोल,अधीक्षक को फटकार; आरओ खराब और अनाज भी मिला कम*
राजबहोर यादव
कुसमी। सीधी जिले के कुसमी जनपद क्षेत्र अंतर्गत भदौरा ग्राम पंचायत भवन में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के बाद उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सागर दिलीप जैन ने 50 सीटर बालक छात्रावास भदौरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में साफ-सफाई सहित कई व्यवस्थाओं में कमियां सामने आने पर एसडीएम ने छात्रावास अधीक्षक कमलेश पाण्डेय को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, भदौरा ग्राम पंचायत भवन में आयोजित जनसुनवाई एवं जनसमस्या निवारण शिविर में एसडीएम सागर दिलीप जैन एवं तहसीलदार नारायण सिंह पहुंचे थे। शिविर में कुल 21 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कुछ आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
जनसुनवाई कार्यक्रम समाप्त होने के बाद एसडीएम ने अचानक 50 सीटर बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था हेतु लगाया गया आरओ पिछले करीब दो माह से खराब बताया गया।
इसके अलावा छात्रावास में लगभग 50 छात्रों के अनुपात में खाद्यान्न की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान केवल करीब 2 किलो दाल, 20किलो चावल एवं सीमित 30किलो मात्रा में गेहूं उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधीक्षक से जवाब मांगा।जबकि छात्रावासों में उचित मूल्य दुकान से गेहूं चावल दिया जाता है जो उपलब्ध नहीं पाया गया इसकी जांच की जाए तो और बड़ी लापरवाही सामने आएगी।
जनसमस्या निवारण शिविर एवं निरीक्षण के दौरान सरपंच मानवती पनाड़ियां, समाजसेवी के.के. सिंह बघेल, रमेश पहाड़िया, हल्का पटवारी, पंचायत सचिव, जीआरएस सहित अन्य ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि एसडीएम द्वारा छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किए जाने के बाद क्षेत्र के बुद्धिजीवियों एवं अभिभावकों में खुशी देखी जा रही है। लोगों ने प्रशासनिक पहल की सराहना करते हुए मांग की है कि इसी प्रकार क्षेत्र के अन्य छात्रावासों का भी नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण किया जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि निरीक्षण केवल भोजन और साफ-सफाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों की शिक्षा व्यवस्था, उनके पाठ्यक्रम की तैयारी, अध्ययन स्तर तथा यह भी जांचा जाना चाहिए कि छात्र जिस कक्षा में पढ़ रहे हैं, उस स्तर का आवश्यक शैक्षणिक ज्ञान उन्हें प्राप्त हो रहा है या नहीं।
अब देखना यह होगा कि एसडीएम द्वारा भदौरा छात्रावास में सामने आई कमियों के बाद अन्य छात्रावासों का भी इसी प्रकार निरीक्षण किया जाता है या नहीं।